Yaadein
My new poem is dedicated to the 8 idiots of my grp , i call them idiots bcoz they can do anything just to makes me happy , i live d most unforgettable part of my life wid them, they r not best but they r bestest and no one can be like them , anyways i knw u r so desperate to rad it so here we go...............................................
सोचा न था की ये सफ़र यूँ ही बीत जायेगा
जो लगे थे अजनबी अब उनके बिना एक पल ना रहा जायेगा
आज वही यादें याद आ रही है
और आँखों म आंसू ला रही है
आखिरी दिन library मै फाईल बनाना
वो कैंटीन मै कंट्री करके कुछ खाना
क्लास मै साथ बैठकर मस्ती करना
एक maggi में सबका टूट पड़ना
लैब में बैठकर महफ़िल जमाना
और सिर्फ एक ही बात की यार अब तो बस लड़का/लड़की हैं पटाना
कभी मनु का रूठना तो कभी मोहित का मनाना
तो कभी रोत्लू का aivai टेसू बहाना
एक पार्टी के लिए हजार बार कन्विंस करना
और कैंसल होने पर फिर नए प्लान बनाना
कभी गज्जू की शायरियो को झेलना
तो कभी सोपू के पीजे'स पर हँसना
विक के मुह से एक शब्द निकलवाना
जैसे मोनिका का ग्रुप में साथ होना
मुझे सबके सामने चिड़ाना
और teachers की डांट पड़वाना
सोनाली का पूरी क्लास का काम करना
externals से पहले एक बुक से साथ पड़ना
तुम लोगो के साथ एक -एक पल को जीया हैं
और अब अब कुछ हैं बस रब से एक ही दुआ हैं
की तुम लोगो का साथ हर जन्म में मिले
मुझे समझने के लिए तुम लोगो ने काफी प्रयत्न है किये
I know may be i don't deserve u all ,
but i want each of you till my last breath fall
This poem is dedicated to 8 idiots - Vik ,Maahi ,Rotlu(neha)
Manu,Sonali,Gajju,Sopu ,Monika , luv u all...........