Wednesday, October 3, 2018

Ishq !!

इश्क़ पे अब यक़ीं नही मुझे
तुम अगर साथ देना चाहो तो रुको

ख़्वाहिशों और चाहतों से 
आगे निकल आयी हूँ मैं 
तुम अगर ज़रूरत बन पाओ तो रुको 

मंज़िलो की  नही अब परवाह मुझे
तुम अगर सफ़र में रहना चाहो तो रुको 

यूँ तो पत्थर से भी कठोर हूँ मैं
तुम अगर आँसू देख पाओ तो रुको

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